बज्जिकाञ्चल संवाददाता,रौतहट,०३ गते जेष्ठ ।

ऐलानी जमिन खाली करेला स्थानीय सरकारके ओरसे धमाधम आदेश आरहल आ संघीय सरकार चारोओर अतिक्रमण हटारहल वर्तमान अवस्थामे ऐलानी जमिनके विषयमे समाज तरंगित होरहल हए । हर गाँओमे रहल, पैनी, पर्ती आ अन्य सार्वजनिक जमिनपर स्थानीयवासी कब्जा जमएले हए । स्थानीयवासी कब्जा जमबइत गेलासे हरेक गाँओके सार्वजनिक जमिन अतिक्रमित रहल हए । बहुतेक लोग धनिक होएलाके बाद भी सरकारी ऐलानी जमिनके हापके बैठल देखलगेल हए । सरकारी ऐलानी जमिन हडपले आ नहडपले दुनू किसिमके लोगमे ऐलानी जमिन खाली करेके हिसाबसे खूब चर्चा होरहल हए । ऐलानी जमिन हडपले आदमी बेसी चिन्तित देखलगेल हए । कुछ लोग जे अपन जमिन खाली राखके सरकारी ऐलानी जमिनपर कच्ची चाहे पक्की घर बनएले हए, ऊ आउर बेसी चिन्तित देखलगेल हए । ओइसन जमिनके खाली करेला सम्बन्धित निकायके ओर सर्वसाधारण तगादा करइत भी देखलगेल हए । हर गाँओके ऐलानी नजोतेवाला लोग दोसराके पास केतना ऐलानी रहल हए, ऊ विवरण देरहल हए । समाजमे ऐलानी जमिनके बात अति जोरसोरसे उठरहलासे समाज पुरा तरंगित भेल हए । समाजमे ऐलानी जमिनके विषय दिन रातके एगो चर्चाके विषय बनल हए । सरकारी ऐलानी जमिन खाली करेके विषयपर सामान्यतया समाज सकारात्मक रहल हए । कुछ जनप्रतिनिधिके डर भी रहल हए कि जमिन खाली करएलापर भोट कम होजाई मगर नेपाल सरकार कुछ जादा टाइट होएलासे उपरीके हवाला देइत स्थानीय सरकार भी ऐलानी जमिनके खाली कराबेला सकारात्मक रहल देखलगेल हए ।