बज्जिकाञ्चल संवाददाता,रौतहट,०३ गते जेष्ठ ।
आजुसे दोमास सुरु भेल हए । दू महिनाके एक महिना होएलासे सामाजिक जीवनमे एकरा दोमास कहलगेल हए । ई साल बैसाख महिनामे दोमास सुरु भेल हए । दोमासके सुरुआत इजोरिया पखसे होखले ।
पहिले इजोरिया बितलाके बाद अन्हरिया सुरु होअले दोमासमे । बैसाख महिनाके इजोरियाके एकम आजु होएलासे आजुसे दोमास सुरु भेल हए । प्रायः तीन सालपर आबेवाला दोमास ई साल बैसाखमे ही परल हए ।
दोमासके अधिकमास आ मलमास भी कहलजाइअ । दोमासमे बिआह, नयाँ घरके निर्माण, नयाँ दोकानके सुरुआत जइसन शुभ कामके सुरुआत नकरेके सामाजिक मान्यता रहल हए । अधिकमासके मालिक सूर्य नहोके भगवान विष्णुके मानलगेल हए ।
एहीसे एकरा पुरुषोत्तम मास अर्थात भगवान विष्णुके महिना भी कहलजाइअ । विष्णुके महिना होएलासे ई महिनामे कएलगेल जप, तप आ भगवान विष्णुके पूजासे दोसरा समयके तुलनामे बहुतेक गुना बेसी फल प्राप्त होखेके शास्त्रीय मान्यता रहल हए । अइसही श्रीमदभगवदगीता, विष्णु सहस्रनाम, रामचरितमानस, रामायण आ अधिकमास महात्म्यके कथा पढेके परम्परा भी रहल हए । साथमे गरिब आ जरुरतमंदके दान करेके काम भी शुभ मानलगेल हए । दानमे अन्न, वस्त्र तथा दीप दानसे अक्षय पुण्य प्राप्त होएके विश्वास रहल हए । दोसराके सहयोग कएलापर अधिक फल प्राप्त होखेके विश्वास रहल हए । दोमासके समाप्ति बैसाख महिनाके अन्हरियाके अमस्याके दिन होएवाला हए । करिब एक महिनाके दोमासमे बहुत लोग विभिन्न तीर्थके यात्रा करेके परम्परा भी रहल हए । पहिलेके मान्यता मोताबिक काशी, हरिद्वार आ प्रयागराज जइसन तीर्थस्थलपर पुगके दान धर्म कएलासे बेसी पुण्य प्राप्त होएके विश्वास रहल हए ।

