बज्जिकाञ्चल संवाददाता,रौतहट,१७ गते वैशाख ।

अनिता शिव प्रतिष्ठानद्वारा २०२६ मे प्रदान होएवाला अनिता शिव अन्तर्राष्ट्रिय बज्जिका सर्वोच्च कृति पुरस्कार सम्मानके लेल एक दर्जनसे बेसी कृति प्राप्त भेल आयोजक जानकारी करएले हए । नेपालके मधेश प्रदेशमे रहल रौतहट जिलाके माधव नारायण नगरपालिकास्थित बज्जिका नगर, मिठुअवामे पुरस्कार तथा सम्मानके लेल एक दर्जनसे बेसी कृति प्राप्त भेल संरक्षक शिवचन्द्र साह जानकारी करएले छथिन ।

बज्जिका भाषा, साहित्य आ संस्कृतिके विकासमे योगदान देबेवाला एक बरसमे प्रकाशित कृतिमध्ये मूल्यांकन कके एगो कृतिके २५ हजार रुपैयाके नगद पुरस्कारसहित सम्मानपत्र आ अंगवस्त्रके साथे विभिन्न सामग्री प्रदान कएलजाइअ । सन २०२५ मे प्रकाशित कृतिमध्ये कौनो एकके सम्मानयोग्य घोषित करेला अध्ययन समितिके चयन भी कएलगेल हए ।

पुरस्कारके लेल सन २०२५ मे प्रकाशित डा. सतीशचन्द्र भगतके ‘माटीके करजा’, रामचन्द्र महतो कुशवाहाके ‘नहिराके कुत्तो प्यारा’, ‘घर परिवार’, ‘पिया परदेश’, ‘अपन समाज’, ‘कुल खन्दान’ आ ‘सरस्वती’, डा. विद्या चौधरीके ‘बज्जिकाके लोढल फूल’ तथा राणा ब्रजेशके ‘हमर बितलाहा समै’ कृति प्राप्त भेल हए ।

अइसही सन २०२२ मे प्रकाशित मणिभूषण प्रसाद सिंह अकेलाके ‘नेहछोहके रसनोई’, २०२४ मे प्रकाशित डा. पूनम सिन्हा श्रेयसीके ‘बतकही’, उषा श्रीवास्तवके ‘छोटकी दुलहिन’ आ डा. भावनाके ‘लाडो’ कृति भी पुरस्कार सम्मानके लेल प्राप्त भेल संरक्षक साह जानकारी करएले छथिन । सन २०२५ से पहिले प्रकाशित कृति वर्तमान मूल्यांकन प्रक्रियामे समावेश नहोखेके कहइत संरक्षक साह बाँकी ९ कृति अनिता शिव अन्तर्राष्ट्रिय बज्जिका सर्वोच्च कृति पुरस्कार सम्मानके चयन प्रक्रियामे चलगेल जानकारी करएले छथिन ।