बज्जिकाञ्चल संवाददाता,रौतहट,०१ गते वैशाख ।

बज्जिका भाषामे साहित्यके सबसे पुरान साहित्यिक पुरस्कार साहित्यकार सञ्जय साह मित्रके प्रदान करेके निर्णय कएलगेल हए । एक हजार रुपैयासे सुरु कएलगेल तुलसी साहित्य पुरस्कारके रकम ई सालसे पन्द्र हजार पुगल हए ।

पन्द्र हजार रुपैयाके साथे प्रमाणपत्र समेत रहल तुलसी साहित्य पुरस्कारके इतिहास बहुत पुरान रहल हए । तुलसी साहित्य पुरस्कारके स्थापना गरुडाके समाजसेवी धर्मनाथप्रसाद जयसवाल कएले छत । करिब दू लाख रुपैयाके अक्षय कोषसमेत जमा करचुकल पुरस्कारके अक्षय कोषमे रकम हर साल बढते जारहल हए । अइसही तुलसी साहित्य पुरस्कारके रकममे भी कुछ सालपर वृद्धि होइत आएल हए ।

नेपालसे प्रकाशित होएवाला साहित्यिक पत्रिकामे उत्कृष्ट कविता प्रकाशित होएलापर कविताके लेल पुरस्कृत कएल जाइअ । साहित्यकार मित्रके बज्जिका शान नामके कविताके लेल तुलसी साहित्य पुरस्कार प्रदान करेके निर्णय कएलगेल हए ।

तुलसी साहित्य पुरस्कारके संस्थापक समाजसेवी धर्मनाथप्रसाद जयसवाल बज्जिका भाषा आ साहित्यके नेपालमे सर्वोच्च सेवा करेवाला साहित्यकार मित्रके पहिल बेर तुलसी साहित्य पुरस्कार प्रदान कएल जारहल हए । तुलसी साहित्य पुरस्कारके रकम समयके मोताबिक बढबइत जाएके संस्थापक जयसवालके कहनाम हए । निकट भविष्यमे एगो कार्यक्रमके आयोजना कके पुरस्कार प्रदान कएल जाएके जयसवालके कहनाम हए ।