सहिद—संजय राज

बजिजकाञ्चल,१७ गते माघ । हरियर पाताके जइसन तन ,मन अर्पितकके दुख अपने लेके सुखके रास्ता छोरदेलन। बम , बारुद , आन्ही , पानी नगुनके देश विकासके लेल अत्याचारी अहिँसा घटाबेके…

हप्ताके लघुकथा डाँकू

विश्वराज अधिकारी,सर्लाही,२५ गते पुस । ‘बहुत लोगके प्राण हम लेलेली’, काका कहइतगेल, ‘गावंके धनिकसब मिलके हमरा बहुत दुस्ख देलख। हमर शोषण कएलक। हमरा उपर अनेक अन्याय कएलक। उहे धनिकसबसे बदला…

सोआगत नया साल २०२६ — ज्वाला सांध्यपुष्प

सोआगत नया साल २०२६   दूरा पर नया साल, हए सुरुज घर में घूसल । दउर रहल लोगसऽ, भाग गेल रेल भाग्य हम्मर कन्ने, तेल लेबे गेल ठंढी में अतिथि…

हाप्ताके लघुकथा ः घातक विश्वराज अधिकारी

  बज्जिकाञ्चल संवाददाता,रौतहट,१६ गते पुस ।  एगो उच्च माध्यमिक विद्यालयके कक्षा १२ के विद्यार्थी बिच निवन्ध लेखन प्रतियोगिताके आयोजना भेल रहे। निवन्धके विषय रहे ‘विद्वान आ मूर्खमे समाजके लिए ज्यादा…

सरकारी कामकाजमे मातृभाषा ः संवैधानिक वचन कहियाले होई पूरा

    इन्द्रजीत सहनी,रौतहट,१६ गते पुस ।       नेपालके संविधान २०७२ आसिन ३ के जब जारी भेल तब ऊ केवल एगो कानुनी किताब नरहे, बल्कि देशके समाज, संस्कृति,…

 साहित्यकार कुशवाहाके आधा दर्जन कृति होरहल हए प्रकाशित

बज्जिकाञ्चल संवाददाता,रौतहट,१६ गते पुस ।     बज्जिका साहित्यकार रामचन्द्र महतो कुशवाहाके एक साथ आधा दर्जन कृति प्रकाशित होरहल हए । बज्जिका भाषा आ साहित्यके सशक्त अभियन्तासमेत रहल कुशवाहाके नाटक…

“अप्पन गाओ”,विगन रौनियार

 कविता विगन रौनियार दुर्गा भगवती गा.पा.3 मत्सरी भुलल बिसरल गाओमें उषा कालिन याद बचपन निंदसे जागल चिरइके कलरब साथ। गाओ कहमा गेलओ माय बापके प्यार उठा उठा बबुवा हमर होगेलओ…

मौत के सच्चाई,भोला यादव उर्फ प्रमोद

भोला यादव उर्फ प्रमोद रौतहट पेटभर्वा मौत के सच्चाई मौत बा सच्चाई, ना करे आवाज, कब आ जाई, ना देल संकेत के राज। धन-दौलत, शोहरत सब छुटजाई, खाली कफन में…

मेहनत के फल,किशनन्दन शाह पेटभर्वा रौतहट

कविता मेहनत के बीज जब धरती में बोआ जाला, तब ही सपनवा साँच बनके सोना झलमलाला। पसीना के धार जवन माथा से टपके, उहे भाग के ताला खुदे आपे खपके।…

गजल

कविता देहमे सारी ओठमे लाली कमाल सजनी सुन्दर रूप देखके भेली बेहाल सजनी कतार रुस सउदी चिन जबोन प्रदेश मेहन्त कके कमबो देश नेपाल सजनी जनता मूर्ख बुझेन बात केनाके…