अर्जुन यादव,रौतहट, ४ गते पुस ।
पुस महिना सुरु होएलसाथ तराई–मधेशके जिल्लासबमे ठंडाहर आ बाक्लो धुन प्रकोप बढल हए । रौतहट सहित बारा, पर्सा, सर्लाही, महोत्तरी, धनुषा लगायतके क्षेत्रमे दिनभरि घाम नलागलापर ठंडा कहर बढल हए । आईतक सबेरे पारिलो घाम लागल कएले सामान्य कपडामे आबतजाबत करेला सर्वसाधारण आईसे भि मोट गरम कपडा लगाबेके बाध्य भेल हए । स्थानीयसबके अनुसार, सबेरेसे ही लागल धुन चिसोपन अत्यधिक बढल हए । “घाम नदेखलापर, ठंडामे हातखुट्टा ठंडा होररहल हए,“ ।
बजारमे आदमीके चहलपहल कम भेल हए, स्कूल जाएबाला बालबालिका आ बूढापाकासब घरभितर सीमित होएके अवस्था आएल हए । बहुतजईसन स्थानीय आगी तापके बसरहल हए । गरिब परिवारसब प्लास्टिक के चुलीके आगीमे बारके कपडा खोजेकेपररहल बाध्यता हए । हरेक बर्ष ठंडाम तराई–मधेशमे येईसन शीतलहर चलरहल हए ।
घाम नदेखलापर दिनसब लमहर होईत कृषि काम प्रभावित हए, तरकारी बाली सुकरहल हए । विगतमे ठंडमे कारण पर्याप्त गरम कपडा नहोएबालाके ज्यान जाएके घटना भि हए । ई वर्ष भि मौसम विभाग ठंडा बढरहल चेतावनी देले हए । स्वास्थ्यकर्मीसब ठंडासे बचेके विशेष सावधानी अपनाबेके आग्रह कएले हए । चिकित्सकसब कहरहल हए “, न्यानो कपडा लगाबेके आ अत्यावश्यक बाहेक बाहर नजाएके ।
बूढा–बूढी आ बालबालिकाके जादा जोखिम हए ।”ठंडा गेलरातसे मात्र सुरु भेल होरहल अझि कउनो दिन कायम रहल अनुमान हए । सर्वसाधारणके घरमे बसल आ न्यानोमे ध्यान देके सब सल्लाह देले हए । तराईके येईसन ठंडाके प्रकोपसे गरिब आ मजदुर वर्गके सबसे जादा मार पररहल हए ।

