अजय कुमार झा,रौतहट,१५ गते मंसिर ।

बज्जिकाके अभियन्ता आ चर्चित प्रतिष्ठित बहुभाषिक साहित्यकार अजयकुमार झा कविके जन्म होएवाला गाँओ साधारण नरहेके बतएले छथिन ।

सर्लाहीके सदरमुकाम मलङवामे बज्जिका साहित्य समाज सर्लाहीद्वारा आयोजित कवि सदानन्द अन्तर्राष्ट्रिय बज्जिका पुरस्कार आ सम्मान समर्पण समारोहके सम्बोधन करइत रामानन्दन विश्वेश्वर महेन्द्र क्याम्पस जलेश्वर, महोत्तरीके क्याम्पस प्रमुखसमेत रहल साहित्यकार झा कविके जन्म होएवाला गाँओके तीर्थस्थलके संज्ञा देले छथिन ।

हिन्दी कवि रामधारी सिंह दिनकरसमेत अन्य कविके जन्म भेल घर आ गाँओ देखेके लेल देश विदेशसे लोग पुगरहल बातके स्मरण करइत साहित्यकार झा कविके सम्मान देश विदेशमे सभीओर होखेके बतएलन ।

सर्लाहीके विष्णु गाँओपालिकास्थित सिमरा निवासी महानन्द झाद्वारा स्थापित पुरस्कार आ सम्मानके समर्पणसे बज्जिका भाषा, साहित्य आ संस्कृतिके क्षेत्रमे एगो नवीन ऊर्जाके संचार भेल बतएले छथिन । पुरस्कार संस्थापक झा परिवारके खुलके प्रशंसा भी कएले साहित्यकार झा नयाँ कामके सुरुआतसे बज्जिकाके विश्वमे मान बढेके बतएलन ।

साहित्यकार झाके कहनाम हए – बज्जिका लोकभाषा अपनेआपमे बहुत समृद्ध हए ।

बज्जिकाके ऐतिहासिकताके ओर संकेत करइत झा संस्कृतके संस्कारित भाषाके संज्ञा भी देलन । कार्यक्रममे क्याम्पस प्रमुख झा बज्जी साहित्यिक त्रैमासिकमे प्रकाशित संस्कृतिसे सम्बन्धित एगो कविता भी वाचन कएलन ।