रौतहट,रामजी साह,१४ गते मंसिर । 

हमनी जहाँ रही उहाँ दिनरात कुछो नबुझाएल । लाइन कटेके नाओ हइतहिए नहए । थाइलैन्डके एक हप्ताके यात्रामे राजधानी बैंककसे पर्यटकीय नगर पतायातक हमनीके कहुँ नबुझाएल कि लोडसेडिङ केकरा कहलई ।

नेपाल सुनचाँदी व्यवसायी महासंघके केन्द्रीय सदस्यके नाते इहे २०७१ भादोके २१ गते थाइ एअरसे महासंघके टिममे सम्मिलित होके थाइलैन्ड पहुँचली । भारत हमनीके परोसी देश होएलासे भारतके विभिन्न प्रान्त आ पर्यटकीय तथा धार्मिक क्षेत्रके यात्रा करेके मौका त बारम्बार मिलल रहे मगर तिसरका मुलुकके हमर पहिल यात्रा रहे । हमनी पचीसजनेसे बेसीके टिम रहे । महासंघके चलते मौका मिललाके बाद सम्पूर्ण आन्तरिक तयारी पूरा भेल । ओकराबाद काठमान्डुस्थित त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थलसे थाइ एअरपर करिब साढे तीन घन्टा आकाशीय यात्रा कएलापर हमनीके टोली थाइलैन्ड पहुँचल । अभीतकके सबसे लमहर हवाई यात्रा भी इहे हमरालेल ।

महासंघके टोली सोना आ हीरा, पन्नाजइसन पत्थरके अन्तर्राष्ट्रियस्तरके प्रदर्शनी एवं मेलामे सहभागी होए गेल रहे । मेलामे अमेरिमा, जापान, अस्ट्रेलिया, फ्रान्सलगायत पचासोसे बेसी देशके सहभागिता रहे । विभिन्न देशके अलग अलग स्टल राखल रहे । मेलामे अरबों रुपैयाके कारोबार भेल अनुमान हए । हमनी मेलामे सहभागी होके ई देखली कि हीरा आ विभिन्न किसिमके पत्थरके जवाहरात केना बनलई । केना पत्थर प्रशोधन होके बहुमूल्य सामग्री तयार होअले । वास्तवमे देखलजाए त नेपालमे अनगिन्ती पहाड हई, हिमाल हई । पहाडमे अनेक बहुमूल्य पत्थर हई । पहाडके पत्थरके अनुसन्धान कऽके राज्यके ओरसे प्रशोधनके काम जदि होइत हए त नेपालमे अनेक किसिमके बहुमूल्य पत्थरके सम्भावना रहल हए । जदि नेपालमे ओइसन सम्भावनाके खोजी कएलजाइत हए त देश बैंकक आ थाइलैन्डसे विकसित होसकइअ ।

हमरा याद हए, एकबेर कर्णाली घुमे गेल रही । उहाँ पानीके छालके कुछ लोग सोनाके पति खोजइत रहे । दिनभर महिन महिन सोनाके पति खोजके कचोरीमे रखइत जमा करेके आ उहे बेंचके गुजरबसर करइत रहे । अइसन सुनला आ देखलाके बाद इहो बुझाएल कि कहीं न कहीं सोना त हए जहाँसे अइसन मेहिया सोना आरहल हए । जदि एकरा पत्ता लगाएल जाइत हए त देशके लेल बहुत बडका वरदान होसकइअ । थाइलैन्डमे पत्थरके प्रशोधन होइत देखली त जेहनमे एकबेर ई बात फेर याद आएल । हमनीके देशके सोनाके चिडि़या भी कहबे करइअ, एईपर अनुसन्धान कएलापर इहो बात पूर्णरुपसे प्रमाणित होएके सम्भावना हए ।

बैंकक अपनेआपमे विश्व परिचित सहर हए । विश्व पर्यटनमे बैंकके एगो विशेष स्थान प्राप्त हए । हमनी पहिलहिएसे बैंककके विषयमे सुनले रही जेसे एकबेर पुगेके इच्छा त अन्तर्मनमे रहबे कएलक जब पुगली तब यथार्थमे जे अनुभूति बुझाएल – धरतीके एगो छोट स्वर्ग हए । पूरा बैंकक शान्त आ सफा देखली । सफा आ शान्त जगहके आन्तरिक सुन्दरताके वर्णन करनाइ बहुत मोस्किल हए, एकर त अनुभूति ही कएल जासकइअ । हमनीके एना बुझाए कि पुलिस प्रशासनके खास कामे नहए बैंककमे । बहुत सुरक्षित अनुभव होखे उहाँ । आदमी अपना स्वतन्त्रताके उपयोग करसकइअ शान्तिपूर्वक । अपनेआपके भी पूर्ण स्वतन्त्र अनुभूति होअले । सडकपर चारोओर सिसिटिभी क्यामरा लागल हए । सडक केनहु चार लेन त केनहु छओ लेन, ओहुमे सुन्दर पिच । सभीपर अपना नियमसे सवारी साधन चलरहल हए, अपने गाडीघोंडासे यात्रा करेबालाके संख्या अधिक । सडकपर पैदल चलेबाला बहुत कम लोग देखाइदेलक ।

लोडसेडिङ अपना देशके लेल एगो बहुत लमहर समस्या हई । उहाँ हमनीके लोडसेडिङके अनुभूति ही नभेल । इँजोतके हिसाबसे सहरमे दिनरात एकेलेखा बुझाइअ । लेकिन हमनी सुनइछी नेपालमे तेरासी हजार मेगावाट बिजुली उत्पादन करेके क्षमता हई । दुनियाँके बहुतो जगहके इँजोत करेके क्षमतावाला हमनीके देश आ जनता अपने अन्हारमे रहरहल हए । जदि बिजुलीके विकास होइत हए त देश केतना अगाडि बढसकइअ, से बात उँहमा रहलापर बुझाएल । बिजुलीके विकासके लेल वास्तवमे हमनी पछुआगेल छी जेसे हमनीके देश आउरो पछुआइत जारहल हए ।

समुन्दरके किनारपर अवस्थित थाइलैन्डके पर्यटकीय सहर पतायाके अपनेआपमे सुन्दरताके खान हए । एसी गाडीपर चढलाके बाद बैंककसे पताया जाएमे करिब डेढ घन्टा लागल होई । सडक यात्राके भी अलगे आनन्द हई । बैंककसे पताया जाएके बीचमे केनहु अव्यवस्थित गाँओघर नदेखली । बस्ती ही व्यवस्थित लेकिन हवाइजहाजसे निचा खेतीबारी देखले रही । खेती किसानीके काम उँहबो होखले । हमनीके यात्रा मूलरुपसे सहर केन्द्रित होएलासे उहाँके ग्रामीण जनजीवने बारेमे खासे बुझे नसकली । पताया पहुँचलापर देखली, समुन्दरके किनारपर बसल एक शान्त सहर । समुन्दरसे ही पताया सहरके विकास भेल अनुभव कइली । समुन्दरके किनार, समुन्दरमे जहाजसे यात्रा, सामुद्रिक दृश्यके अवलोकनसे इहो बुझाएल कि समुन्दरके सुन्दरतासे भी आदमी बहुत प्रभावित होइअ । जीवनके एगो आनन्दमयी क्षणके रूपमे पतायामे बितल तीन दिनके लेले छी । उहाँ तीन दिन केना बितगेल बुझएबे नकएलक ।

थाइलैन्डमे कुछ दिन रहलापर उहाँके समाज बुझाएल बौद्ध धार्मिक हए । बुद्धिस्ट लोग अधिक बुझाएल उहाँके स्थानीय । हमनीके देशमे जन्म लेले भगवान बुद्धके थाइलैन्डमे भेल प्रचारप्रसारसे उँहबा पुगलापर अपना देश आ भगवान बुद्धपर हमनीके छाती गर्वसे भरजाइअ ।

करिब एक हप्ता उँहबा रहलापर एगो बात आउर अनुभूति भेल कि उहाँ बहुत कुछ भौतिक विकासके उपज हए । भौतिक विकाससे थाइलैन्ड आगे बढ़ल हए लेकिन हमनीके देशमे ओइसन प्राकृतिक चिज बहुत हए जेकरा विकास कएलापर देशविदेशके पर्यटक नेपालमे आसकइअ । अपना देशके भौतिक विकासके साथे पर्यटकीय विकासके माध्यमसे अगाडि बढाबेके अनन्त सम्भावना रहल हए ।

हमनी उहाँके स्थानीय भाषा नबुझी । दोभासेसे हमनीके मूल सञ्चार होखे । एईसे इहो बुझाएल कि अपना भाषाके संरक्षण आ विकास करनाइ भी एगो जरुरियात बात हए । थाइलैन्डमे बितल अमूल्य एक हप्तासे जीवनमे एकओर ताजगीके अनुभव भेल त दोसरओर जीवनमे नयाँपनके । अइसन आनन्दमय यात्राके मौका जुटाबेबाला महासंघके अन्तर्हृदयसे धन्यवाद देइछी । अइसने मौका जीवनमे फेरफेर मिलो कहके कामना भी करइछी मनेमने ।