संजय महतो राज,राैतहट,१३ गते मंसिर ।
अब हुन लोगके सल्लाह कारके रुपमे राखके यूवा लोकके हातमे देवेके चाहिँ इ जनता भि एहने खोजइत हए। एगो यूवाके भित्र
राष्ट्रके भभीसय वर्तमानके साझेदार आ समृद्धि अग्रसम्बाहक बनेके छुपल रहइअ।यूवा भित्र रहल अथाह उर्जाके अइसही खेर न जाएदेबेके चाहि।इ उर्जाके सदुपयोग राज्यके करेके चाहिँ।
नेपाल राष्ट्र यूवा नीति अनुसार २०७२ के अनुसार यूवा १६ वर्ष से ४० वर्ष तकके लोगके यूवा मानइअ।नेपाल मे २०७८ के जनगणना अनुसार ४०.६४ यूवा रहलहए तबहु यूवा पछारी दशकयतासे यूवा मुलुकके नेतृत्वकरे न सकल हए। कउनो कउनो यूवाके त अधिकार मिल्ल मुदा चाकरी करेलगइअ। सब यूवाएक लेखा न होइअ । अपन देश गरिव हइ मुदा सरकार एतने मे रोजगारीके अवसर देइत तब यूवा लोग अपनदेशमे हि रहके मेहनत करके रहइत । खाली मुहसे बोलल्लासे न होइअ यूवाके देशमे स्वरोजगार बन्नादेनाइ बहुत जरुरी हइ। यूवा अवस्थ सबदिन रहले रहि इहो बात न हए।इ जिवनमे एक बेर खाली मिलइअ। सहि समयके सहि सदुपयोग यूवा सब हि करइअ यूवामे रहल सिर्जनशिलता ,जोस ,जागर आ क्षमताके राज्री उपभोग करेके चाहिँ। यूवाके बहुत चुनौती सब भि हए ले किन उ चुनौतिसबके सम्बधान करइत जाएके चाहिँ। हरेक निकायमे यूवाके सहभागीता कराबेके चाहिँ । सहि समयके सहि सदुपयोग यूवा सब हि करइअ यूवामे रहल सिर्जनशिलता ,जोस ,जागर आ क्षमताके राज्री उपभोग करेके चाहिँ। यूवाके बहुत चुनौती सब भि हए ले किन उ चुनौतिसबके सम्बधान करइत जाएके चाहिँ। हरेक निकायमे यूवाके सहभागीता कराबेके चाहिँ । सहि समयके सहि सदुपयोग यूवा सबमे हि रहइअ।
यूवाके साथ सहयोगसे समाज अगारु बरइअ।लेखिन यूवा लोग समाजिक घेरा से बाहर न जाएके चाहिँ।अपना लङ रहल सीप आ श्रमके उपयोगकरेके चाहिँ। जिवमे आय आर्जनके लेल केनहु एहन काम न करेके चाहिँ कि सर झुकानेके परे। हमेसा समाजमे घुलमिल रहेके परइअ। यूवा लोग सहि रसतापर चलइअ त समाज परिवर्तन होजाइअ। एइसनकाम करेके चाहिँ ओ कामसे प्रेरणामिले । कउनो एगो वक्तीके कारण अपन बिचार परिवर्तन न करेके चाहिँ।जिवनमे अनेक किसिमके समसाअ आबइअ उ समस्याके समधान करइत अगाडि बढेके परइअ।

