अखुनी रौतहटसहित मधेस प्रदेशभर युरिया मलके चरम अभाव देखनाई गम्भीर चिन्ताके विषय हए । कृषिमे निर्भर इ क्षेत्रके किसानसब मल अभावके कारण अत्यन्त पीडित हए ।
धान रोपचुकलाकेबाद बालि बढेके बेर मुख्य सिजनमे युरिया नपएलापर रोपाइ प्रभावित भेल हए आ रोपल बालीसमेत मरेके जोखिम बढल हए ।
सरकार प्रत्येक वर्ष मल आयात करेके प्रक्रिया शुरु कएलापर भि वितरण प्रणालीके कमजोरी, ढिलासुस्ती आ तस्करीसे किसानके हातमे समयमेहि मल पुगे नसकल हए । कृषि प्रधान मुलुकमे येइसन अवस्था होनाई योजनाके असफलता आ व्यवस्थापनके कमजोरीके देखाबइअ ।
मलके लेल लमहर लाइनमे खाडाहोएके, कालोबजारीमे महँगा मूल्य तिरेके अवस्था किसानके लेल अन्यायपूर्ण मात्र नहए, निराशाजनक भि हए । कृषि उत्पादनमे गिरावट आइ त ओकर असर खाद्य सुरक्षामे समेत परे सकी ।
इ कारण, सरकार तुरुन्त मल आपूर्ति सुनिश्चित करेके साथे वितरण प्रणाली पारदर्शी आ प्रभावकारी बनाबेके परी । किसानके श्रमके सम्मान करेला, उसबके आवश्यकता प्राथमिकतामे राखेला सरकार बाध्य होएके परी । खेती हए त मात्र देशके पिठ बरियार होइ कहके यथार्थ नबिसरु ।

