गुरु
गुरु राष्ट्रके आनंद होईअ
देवत्व, रामतकके यात्रा होईअ !
गुरु सृजनके खेलाडी होईअ
क्षमता प्रदान करेबाला योद्धा होइअ !
गुरु शिष्यमे विचार जाग्रीत करइअ
सफल होएबाला सार सूत्र सिखबइअ !
गुरुके ज्ञान सूर्यके किरण हए
शिष्य एकलव्य एकर प्रमाण हए !
गुरुके ज्ञान व्यवसायिक न हए
मानवताके बनाबेके ज्योति हए !
गुरु जागरणके अभ्यास होईअ
प्रेम, ध्यान , इश्वरके अनुभव होइअ !
सिद्धान्त चौधरी

