चन्दन यादव, रौतहट २१ गते सावन ।

सञ्चार तथा सूचना प्रविधि मन्त्रालय, सूचना तथा प्रसारण विभागले अनलाइन सञ्चारमाध्यमके दर्ता आ नवीकरण सम्बन्धी सार्वजनिक कएल अत्यन्त जरूरी सूचना विवादित बनइत गेल हए । सूचना अनुसार, अब अनलाइन सञ्चारमाध्यम दर्ता करेला तोकल दस्तुरसहित स्थानीय अधिकारी समक्ष निवेदन देबेके परेबाला हए ।

आवश्यक जांचबुझकेबाद उपयुक्त देखलगेलमे स्थानीय अधिकारी हि दर्ता करे सकेके प्रावधान उल्लेख कएलगेल हए । सञ्चार मन्त्रालय साबिकके अनलाइन सञ्चारमाध्यम सञ्चालन निर्देशिका २०७३ बमोजिम होते आएल केन्द्रस्तरीय दर्ता तथा नवीकरण प्रक्रिया स्थगन करइत स्थानीय अधिकारीके जिम्मेवारी देबेके निर्णय कएलाकेबाद इबारे विभिन्न धारणा सार्वजनिक होरहल हए । रौतहटके पत्रकारसब उक्त निर्णयसे सञ्चारकर्मीसबके सहजता मिलल, खर्च आ समय बचत भेल प्रतिक्रिया देले हए ।

प्रेमचन्द्र झा
नेपाल पत्रकार महासंघ रौतहटके पूर्व अध्यक्ष प्रेमचन्द्र झा नयां व्यवस्था सकारात्मक रहल बतएले छत् । हुन कहलन, अनलाइन तथा पत्र पत्रिकाके मान्यता देले हए । जिल्लामे इ आएलाकेबाद निमन भेल । केन्द्रमे दर्ता होरहलापर सञ्चारकर्मीसबके एकेगो कामके लेल दु तिन बेर जाएके परइत रहे । स्थानीय सञ्चारकर्मीसबके सहज भेल हए, साथ साथे झनझट खतम भेल हए । दर्ता तक येलन जिल्लामे ठिक हए । बांकी जउन कामसब हए अनलाइन सम्बन्धि उ केन्द्रसेहि ठिक हए । नवीकरण लगायत अन्य कामसब ओलनसेहि ठिक हए । स्थानीयमे मात्र दर्ता लगायत तथा दैनिकके साप्ताहिक तथा साप्ताहिकके दैनिक बनाबेके चाहलमे इ सब जिल्लासे होएलापर निमन होइ । अन्य केन्द्रसे हि ठिक हए ।

रविन्द्र साह
नेपाल पत्रकार महासंघ रौतहटके दोसर पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र साह नयां नियमसे पत्रकारसबके आर्थिक रूपमे राहत देले दाबी कएलन । हुन कहलन, सरकारके इ नियमके सहज आ सरल रूपमे लेबेके परी । सञ्चारकर्मीसबके सहज बनाबेके लेल भि इ नियम आएल हए बुझे सकलजाइ । अनलाइन तथा पत्र पत्रिका दर्तामे अबसे आर्थिक भार नहोएबाला भेलासे इ नियम ठीक हए । पहिले नवीकरणके लेल सुरुमे हेटौंडा जाएके परइत रहे, वीरगञ्ज जाएके परइत रहे, कहा कहा जाएके परइत रहे । हुलाक कार्यालय भेलाकेबाद पत्रकारसब खुशी मनएले रहे । इ कदमसे पत्रकारके हकहितमे थप सहज भेल हए । येसे भयवित होनाई जरुरी नहए, जउन नियम तथा कानुनी दायरा हए, ओहिमे रहके काम होई, ओसे बाहर जाके कउनो भि काम करे नसकी तथा कउनोके समस्या देबे नसकी । सरकारके इ कदम पत्रकारसबके हकहितके लेल निमन हए ।

 

शिवपुरी
वरिष्ठ पत्रकार शिवपुरी केन्द्र जाएके बाध्यता हटल आर्थिक आ समयके बचत भेल बतएले छत् । हुन कहलन, ूअनलाइन तथा पत्रपत्रिका अब जउन जिल्ला प्रशासन दर्ता करे लागलापर सञ्चारकर्मीसबके आर्थिक जउन बोझ होइत रहे, काठमाडौमे जाके रहेमे खर्च होइत रहे, अब जिल्लामे भेलाकेबाद सहज भेल हए । अनावश्यक खर्चमे जउन परइत रहे, अब सरल भेल जइसन लागरहल हए । जिल्ला जिल्लामे भेलाकेबाद अब सहज होइ । कउनो कागज नपुगलापर अब घरेसे ल्याबेके मिलजाई नजिक भेलाकेबाद । मुख्य त इ हए अब समयके बचत होइ ।

अगर सरकारके निर्णयसे स्थानीय तहमे सञ्चारमाध्यम दर्ता प्रक्रिया सहज बनाबेके उद्देश्य राखल देखलगेलापर भि येकर कार्यान्वयनके क्रममे लौकेबाला व्यवहार आ पारदर्शिताउपर अभिभि सार्वजनिक छलफल आ निगरानी आवश्यक देखलजाइअ ।