बजिजकाञ्चल,१७ गते माघ ।
हरियर पाताके जइसन तन ,मन अर्पितकके
दुख अपने लेके सुखके रास्ता छोरदेलन।
बम , बारुद , आन्ही , पानी नगुनके देश विकासके लेल
अत्याचारी अहिँसा घटाबेके लेल
अपन देहके आहुती देदेलन ।
मधेसके लाल उ पानी बिना तरसइत रहे।
दुशमनपर गोलि बारिस करइत रहे।
मुदा पिछा मुरके न देखलक
गाओमे लोग रङ्गके होलि खेलइत रहे।
सिनामे गोलि लागल तबो लरइत रहे।।
पुसके जाढ जेठके रउद सहके
खिल्ल गुलाबजइसन मनकके
आत्माके तृप्तकके हुन
नेपाल माइके कोखमे समर्पित होगेलन
दुख अपने लेके सुखके रास्ता छोरदेलन।।
नाम — संजय राज
रौतहट ,नेपाल

