बज्जिकाञ्चल संवाददाता,रौतहट,१६ गते पुस । 

एगो उच्च माध्यमिक विद्यालयके कक्षा १२ के विद्यार्थी बिच निवन्ध लेखन प्रतियोगिताके आयोजना भेल रहे। निवन्धके विषय रहे ‘विद्वान आ मूर्खमे समाजके लिए ज्यादा कौन घातक हए?’
समुचा विद्यार्थी चार पन्ना, पाँच पन्नाके निवन्ध लिखलख। समाजके लिए ज्यादा घातक मूर्खके बतौलख।

 

मुदा एगो विद्यार्थी ज्यादै छोट निवन्ध लिखलख। ऊ समाजके लिए सर्वाधिक घातक विद्वानके बतौलख। ‘मूर्खके पास तिक्ष्ण बुद्धि नहोइ छइ ओहीसे उ बिगडापर दोसरके दिमाग बिगाडे नसकइ छइ।

 

मुदा विद्वानके पास तिक्ष्ण बुद्धि होइ छइ। यदि विद्वान बिगडजाई त ऊ अपन तिक्ष्ण बुद्धि प्रयोग कके सयौ न, हजारौ न, लाखोके दिमाग बिगाड सकइछइ।

 

देश, समाज बरवाद करदेसकइ छइ, जेना यी देशके कुछ बिगडल विद्वानसब अखुनि लाखोंके दिमाग बिगाड रहल हए’, ऊ अपन निवन्धमे बस एतना लिखलख।

 

‘लमहर लमहर निवन्ध लिखेबालामेसे कौनो एकके विजयी घोषित कएल जाए वा छोटो निवन्ध लिखेबालाके विजयी घोषित कएल जाए’, यी सोंचाइ निर्णायक समितिके दिमाग बहुत देरतक घुमादेलख। बादमे, ज्यादै छोट निवन्ध लिखेबालाके विजयी घोषित कएलगेल।