कविता

देहमे सारी ओठमे लाली कमाल सजनी
सुन्दर रूप देखके भेली बेहाल सजनी

कतार रुस सउदी चिन जबोन प्रदेश
मेहन्त कके कमबो देश नेपाल सजनी

जनता मूर्ख बुझेन बात केनाके सम्झाउ
घुघँट मेसे निकलू करु सवाल सजनी

आहाके पाके जिनगी जान खुशीमे डुबल
अहेके बिना दुनियाँ सारा कंगाल सजनी

विकृति सब हटाई नयाँ समाज निर्माण
प्रधान नेता देशमे भ्रष्ट जन्जाल सजनी

रूपेश रोदन
बलरा नगरपालिका ११ छतौना