चन्दन यादव, रौतहट – भदौ ७
सरकार अनुदान कटौती कएलाकेबाद उख किसान काठमाडु ओरी, अध्यक्ष यादवके नेतृत्वमे रौतहटके किसानसब रहल हए । सरकार घोषणा कएल उख अनुदान रकम कटौती कएलाकेबाद रौतहटसहित देशभरके उख किसानसब आक्रोशित बनल हए ।
अनुदान नपाएल आ सरकार गम्भीर नभेल कहइत किसानसब अब काठमाडौंमे भादो ८ गते होएबाला आन्दोलनमे सहभागी होएला बरका संख्यामे प्रस्थान कएले हए । आन्दोलनके अगुवाइ उखु उत्पादक संघ रौतहटके अध्यक्ष अशोक प्रसाद यादव कररहल हए । अध्यक्ष यादवके अनुसार, सरकार उख किसानके प्रतिक्विन्टल ७० रुपैया अनुदान देबेके घोषणा कएलापर भि अभितक एक रुपैया भि नदेले गुनासो हुन कहलन ।
“सरकार घोषणा मात्र करके हमनी किसानके झुकअएले हए । हमनी उत्पादन भि कएली, चिनी मिलमे आपूर्ति भि कएली, लेकिन अनुदानके नाममे अभितक कुछो प्राप्त नभेल हए,” यादव कहलन । किसानसब चरणबद्ध आन्दोलन करइत आएल हए ।
पहिल चरणमे सावन १८ गते प्रमुख जिल्ला अधिकारीके ज्ञापनपत्र बुझावलगेल रहे । ओकराबादके चरणमे सावन २० गते देशभरके चिनी मिल अगाडि टायर बारके प्रदर्शन कएलगेल रहे । “इ सब कार्यक्रमसब सरकारके चेतावनी देबेके लेल रहे, लेकिन सरकार कउनो चासो नदेखएले रहे,” अध्यक्ष यादव बतएलन । सरकारसे आश्वासन मात्र पारहलापर किसानसबके धैर्य अब सुधल कहइत यादव कहलन, “किसान अब घुरकारेला न, लडके अधिकार लेबेला काठमाडौ जारहल हए ।
हमनी ठेहुन टेकाके अनुदान लेके मात्र फरकेबाला बारी ।” उनका अनुसार, माइतीघर मण्डलामे होएबाला भादो ८ गतेके आन्दोलनमे देशभरके किसान सहभागिता जनाबेबाला हए । रौतहट, सर्लाही, पर्सा, बारा, सप्तरी, नवलपरासी, कैलाली, बर्दियालगायत जिल्लासे किसान काठमाडौ जारहल हए ।
“सरकार अभि भि हमनी किसानके आवाज नसुनलापर आन्दोलन अभिभि तीव्र बनाबेबाला हए,” यादवके चेतावनी हए । यादव स्पष्ट पारलन, “हमनी वार्तासे समस्या समाधान करे चाहइत रहे, लेकिन सरकार हि संवेदनशील नभेल । अब आन्दोलन बाहेक दोसर विकल्प नहए ।”
किसानसब अखुनीके आन्दोलनके निर्णायक बनाबेबाला योजनामे हए । “इ आन्दोलन केवल अनुदानके लेल नहए, किसानके सम्मान आ भविष्यके लेल भि नहए,” अध्यक्ष यादवके कहनाम हए । सरकार जल्दी पहल नकएलापर किसान आन्दोलन बरका रूप लेबेबाला देखलगेल हए ।

