बज्जिकाञ्चल,०७ गते भादो ।

रौतहट जिल्लाके फतुवाबिजयपुर नगरपालिका वडा नं. २ सीतलपुरसे वडा नं. ३ मेवातक करिब २ किलोमिटर आरसीसी ढलान सडक तथा नाला निर्माणके योजना अगाडि बढनाई सुखद समाचार हए । करिब ३ करोड रुपैयाँ लागतमे सघन शहरी तथा भवन निर्माण कार्यालय, वीरगञ्जमार्फत सञ्चालन होएके ई योजना स्थानीय विकासके सन्दर्भमे महत्त्वपूर्ण मानल जासकईत हए ।

सांसद प्रभु साहके संसदीय योजना अन्तर्गत ई योजना पहिल प्राथमिकतामे परनाई आ जसपाके राष्ट्रिय सभा सदस्य पूजा चौधरीके लेटरप्याडमार्फत समेत माग कएल गेल तथ्य सार्वजनिक होनाई योजना प्रक्रियामे बहुपक्षीय चासो रहल देखल गेल हए । एसे योजनामे केकर भूमिका केतना रहे कहके प्रश्न भि खडा कएले हए ।

विकास निर्माणमे राजनीतिक दल तथा नेतासबके सक्रियता अपेक्षित हए । लेकिन, योजना छनौटसे कार्यान्वयनतक पारदर्शिता, सहभागिता आ स्पष्ट जिम्मेवारी नहोनाई विगतमे बहुतेक योजनासब अलपत्र परनाई मुख्य कारण हए । अभि सार्वजनिक चासोके विषय बनल ई योजना भि सुरुवातमे ‘केकर पहल’, ‘केकर दाबी’ कहके विवादसे घेरनाई सकारात्मक संकेत नहए ।

पूर्वाधार विकास कौनो एक व्यक्तिके वा पार्टीके स्वामित्व नहोके जनताके साझा सम्पत्ति हए । ओहीसे योजना निर्माण, बजेट विनियोजन आ कार्यान्वयनमे सभि तहके सरोकारवालाबीच समन्वय होनाई जरुरी हए । दाबी करेके होडसे भि जनतासे कईसन सेवा मिलि कहेमे राजनीतिक दल आ जनप्रतिनिधिके ध्यान केन्द्रित होएके चाहि ।

अब, ई योजना राजनीतिक स्वार्थसे उपर उठके निर्धारित गुणस्तर, समयसीमा आ पारदर्शिताके आधारमे कार्यान्वयनके उदाहरण स्थापित करे कहके आशा कएलजाई । विकासके नाममे बारम्बार होएबाला अनियमितता, दोहोरो दाबी आ जिम्मेवारीसे पछाडि हटेके प्रवृत्तिसे दीर्घकालीन असर परेबाला भेलासे स्थानीयवासी, सञ्चारमाध्यम आ निगरानी निकायसब भि सतर्क रहनाई आवश्यक हए ।

सार्वजनिक स्रोतसे सञ्चालन होएके योजनामे जनताके हित, सहभागिता आ जवाफदेहिता सुनिश्चित हि सच्चा लोकतान्त्रिक अभ्यास हए । ईहे सन्देशसहित ई योजना सफल आ दीगो बने कहके शुभकामना हए ।