बज्जिकाञ्चल,०६ गते भादाे ।
बितल साओन महिनामे कुल देवतासबके पूजा आराधना करेके परम्परा नेपाली समाजमे खास रुपसे रहल हए । साउनी पुजा मनाबेके बहुत सारा कारण सब हए: जेना की साओन महिनाके धार्मिकरूपसे एगो पवित्र महिना मानल जाइअ । साओन महिना खास कके हिन्दु धर्म मानेबाला सबके लेल पवितर महिनाके रुपमे लेल जाले ।
यी महिनामे बहुत एहन धार्मिक कामकाज सब जइसन कि पुजा ब्रत सबके सुरुवात के समय भि मानल जाले । खास कके यी महिनाके भगवान शिव जीके प्रिय महिना मानल जाले । यी महिनामे भगवान शिव जीके खास मानेके कारण हए कि जब समुन्दर मन्थन भेल रहे उ समयमे बहुत हि बिस सब निकलल रहे जउन सारा बिख भगवान शिव जी पिगेलन ओसे सारा जग के आदमी आ देवता सब भि बाचलक ।
भगवान शिवजीके बिख पिलेलाके वाद हुनकर कण्ठ विस से पुरा भरल रहे ओके लेल देवी देवता सब हुनका उपर पानी ढारेलागल जेकरा कारण से सावन महिनामे कारव लेके भगवान शिव जी के उपर जल चरहावल जाइअ । प्राकृतिक चकर से सम्बन्ध राख्ले हए । साओन महिना नेपालमे वर्षा ऋतु से मेल खाले । यी समय खेतीपातीके मौसम हए ।
मान्यताअनुसार कुल देवताके कृपा भेला से वर्षा निमन से होएके, बाली निमन होएके आ विपतके टारेके विश्वास रहल हए । ओहने अनाज उबजाबेके सुरु होएसे पहिले कुल देवताके पूजा कके निमन होएके लागि कामना कएल जाले । पुर्खाके याद आ आशीर्वाद लेबेके उपाय कुल देवता आ कुल देवीके पुर्खाके प्रतिरूप आ रक्षक मानल जाले ।
साओन महिनामे पूजा कके हुन लोगन सबके याद कके अपन वंशजसबमे समृद्धि, स्वास्थ्य आ सुख शान्ति आबेके विश्वास कएल जाले । एहने , साओन महिनामे कुल देवताके पूजा कके धार्मिक, सामाजिक, आ सांस्कृतिक रुपसे बहुत जादे महत्वपूर्ण काम मानल जाले । यी परम्परासे परिवार, समाज आ प्रकृतिके बीचके सन्तुलनके भि देखाबेके काम करले ।

