कलैया ।

आम जनता पार्टी (आजपा)के अध्यक्ष एवं पूर्वमन्त्री प्रभु साह सरकार मधेसके विपद संकटग्रस्त क्षेत्र घोषणा कएले हए लेकिन राहत प्याकेजके कउनो योजना नल्याबनाई सरकारके नालायकीपन भेल टिप्पणी कएले हए । बाराके कलैया स्थित उधोग बाणिज्य संघके सभाहलमे आजपाद्धारा आयोजित कार्यक्रमके सम्बोधन करइत आजपा अध्यक्ष साह राहत प्याकेज बिना सुख्खाक्षेत्र घोषणा पीडितके आउरी पीडित बनएले बतएलन । मधेसमे जलसंकट देखलाकेबाद सरकार मधेसके आठ जिल्लाके विपद् संकटग्रस्त क्षेत्र घोषणा कएले रहे । लेकिन सरकार अभितक राहतके कउनो प्याकेज ल्याबे नसकल हए ।

‘मधेसमे जलसंकटसे सर्वसधारणसे किसानतक मर्कामे परल समस्यामे हए । सरकार विपद् संकटग्रस्त क्षेत्र घोषणा करनाइ त ठिक हए । लेकिन का सरकारके काम केवल संकटग्रस्त घोषणामात्र हए ? कि सरकार पिडामे रहल उ आदमीके लेल कउनो राहतके प्याकेज ल्याबेके नहए ? राहत प्याकेजके कउनो योजना नल्याबनाई सरकारके नालायकीपन हए,’ आजपा अध्यक्ष साह कहलन । तराई मधेसमे पानीके हाहाकार हए । जलसंकट होके किसानसे सर्वसधारणतकके व्यक्तिसब पीडामे रहल बताबइत सरकारके जिम्मेवारी संकटग्रस्त क्षेत्र घोषणा करनाई मात्र नभेल बतएलन ।

साह पीडितके तत्काल राहत प्याकेज सहित दिर्घकालिन रुपमे पानीके समस्या समाधानमे सरकार लागेके परी ध्यानाकर्षण करएले हए । मधेसमे जलसंकट देखलाकेबाद हेलिकप्टरमे सैयर करइत प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली पाच सय डिपबोरिङ गाडेके घोषणा कएले हए लेकिन अभितक एगो भि डिपबोरिङ नगाडाएल कहइत उनकर घोषणा हावादारी गफ मात्र भेल टिप्पणी कएलन ।

प्रधानमन्त्री ओली मधेसके जिल्लामे पाच सय डिपबोरिङ गाडेके आश्वासन देलापर भि तीन हप्तासे बेसी समय बितलापर समेत सर्वसधारण डिपबोरिङ पाबे नसकल हए । मधेसी जनतासंघे येइसन भद्धा मजाक काहे ? चापाकल सुखगेल हए, इनार सुकल हए लेकिन तहियो भि सरकार येइसन गम्भिर बिषयमे ध्यान नदेके जनताके भावनासंघे खेलवाड कररहल हुन बतएलन ।

सरकार मधेश प्रदेशमे जलसंकट देखलाकेबाद मधेशके आठ जिल्लाके विपद् संकटग्रस्त क्षेत्र घोषणा कएले रहे । खानेपानीसे खेतीकिसानीके लेल आवश्यक पानीके हाहाकार भेलाकेबाद विपद् संकटग्रस्त घोषणा भेल मधेशके गाओमे कउनो राहत नपुगल हए ।

आजपा बाराके अध्यक्ष राजकिशोर साहके अध्यक्षतामे भेल कार्यक्रममे आजपा केन्द्रीय कार्यालयके सदस्यसब अशोक लामा, त्रिभुवन साह, उमेश कुश्वाहा लगायतके विशेष सहभागिता रहल रहे । उसब जलसंकट होके जिल्लाके किसानसे सर्वसधारणतक नागरिक दुख पारहल जनएले हए ।